Caitanya Caritamrita Hindi
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Caitanya Caritamrita Hindi 9 Volumes

·  Caitanya Caritamrita Hindi — 9 खंडों में महाप्रभु की सम्पूर्ण लीला-कथा

·  आदि, मध्य और अन्त्यतीनों लीला-खंड एक सेट में

·  मूल श्लोक + शब्दार्थ + भावार्थ + श्रील प्रभुपाद भाष्य

·  गौड़ीय वैष्णव दर्शन का सबसे विस्तृत हिंदी ग्रंथ

·  9 Volumes | Hardbound | वजन 10 kg | ₹5,000

·  मूल रचनाकार: कृष्णदास कविराज गोस्वामीमहाप्रभु की शिष्य-परंपरा के संत

·  अनुवाद/भाष्य: Srila Prabhupada — जिनकी कलम ने इसे हिंदी में जीवंत किया

·  प्रकाशक: BBT — स्वयं श्रील प्रभुपाद द्वारा स्थापित, शुद्धता की जीवंत गारंटी

·  ISKCON Mayapurमहाप्रभु की जन्मभूमि का एकमात्र आधिकारिक स्टोर

·  mayapur.store — नवद्वीप की पावन भूमि से, आपके संग्रह में सीधे

₹5,000.00 Tax included

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Caitanya Caritamrita Hindi केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के दिव्य जीवन का आध्यात्मिक दस्तावेज हैजो सम्पूर्ण गौड़ीय वैष्णव दर्शन की आत्मा है। इस हिंदी नौ-वॉल्यूम सेट में महाप्रभु के जन्म से लेकर उनके संन्यास, दक्षिण भारत यात्रा, जगन्नाथ पुरी की लीलाओं और भक्तों के साथ उनके दिव्य संवादों तक का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है।

Caitanya Caritamrita Hindi का यह ग्रंथ श्रीकृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा रचित है और इसमें श्री चैतन्य महाप्रभु की लीलाओं को भावपूर्ण रूप से चित्रित किया गया है। प्रत्येक अध्याय भगवान के नाम-संकीर्तन के प्रभाव, शुद्ध भक्ति की महिमा और श्रील प्रभुपाद के माध्यम से उनके आधुनिक युग में पुनर्जागरण की कथा कहता है।

Caitanya Caritamrita Hindi संस्करण में पाठकों के लिए भाषा को अत्यंत सहज और प्रवाहपूर्ण बनाया गया है ताकि हर कोई महाप्रभु के संदेश को समझ सके। इसमें संस्कृत एवं बंगाली मूल श्लोकों का शब्दार्थ और भावार्थ दोनों दिए गए हैं, जिससे अध्ययन अधिक गहराई से किया जा सके।

इस ग्रंथ का अध्ययन करने से व्यक्ति के जीवन में भक्ति-भाव का जागरण होता है। यह हमें सिखाता है कि भगवान का नाम लेना केवल एक साधना नहीं, बल्कि प्रेम और करुणा से भरा जीवन जीने का मार्ग है। श्री चैतन्य महाप्रभु ने यह संदेश दिया कि — "हरि नाम ही कलियुग का एकमात्र उद्धार है।"

इस नौ-खंडीय सेट में प्रत्येक वॉल्यूम भगवान की लीलाओं के किसी विशेष चरण पर केंद्रित है

1.     प्रथम खंड: महाप्रभु के प्राकट्य एवं बाल्य लीलाएँ

2.     द्वितीय खंड: नवद्वीप में संकीर्तन आंदोलन की शुरुआत

3.     तृतीय खंड: संन्यास और तीर्थ यात्रा

4.     चतुर्थ खंड: जगन्नाथ पुरी में भक्ति प्रचार

5.     पंचम खंड: रूप और सनातन गोस्वामी से संवाद

6.     षष्ठ खंड: रथयात्रा और भक्तों के संग संगम

7.     सप्तम खंड: भक्तों की चरित्र कथाएँ

8.     अष्टम खंड: भगवान की करुणा एवं चमत्कार

9.     नवम खंड: श्री चैतन्य के अंतिम लीलाएँ और अमृत-संदेश

इन सबका अध्ययन करने से साधक को केवल भक्ति का ज्ञान मिलता है, बल्कि भक्ति का अनुभव भी होता है।

इस सेट को The Bhaktivedanta Book Trust (BBT) द्वारा प्रकाशित किया गया है, जो ISKCON के आधिकारिक प्रकाशक हैं। प्रत्येक पुस्तक उच्च गुणवत्ता वाले कागज़ और मजबूत हार्डबाउंड बाइंडिंग में आती है, जिससे यह वर्षों तक सुरक्षित रहती है।

Caitanya Caritamrita Hindi का अध्ययन करने से मन की शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और भगवद्-भक्ति में निष्ठा प्राप्त होती है। यह केवल एक पुस्तक नहीं

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Author
His Divine Grace BHaktivedanta Swami Srila Prabhupada
Weight
10
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