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MRITYU KI PARAJAY

Mrityu Ki Parajay

·  मृत्यु के बाद क्या होता हैइसका स्पष्ट वैदिक उत्तर

·  Mrityu Ki Parajay — श्रील प्रभुपाद की प्रामाणिक हिंदी पुस्तक

·  आत्मा, पुनर्जन्म और मोक्ष का सरल हिंदी में विवेचन

·  'Beyond Birth and Death' का BBT प्रकाशित हिंदी अनुवाद

·  भक्तों, साधकों और जिज्ञासु पाठकों सभी के लिए उपयोगी

·  मंदिर, घर और उपहारहर अवसर के लिए उपयुक्त

·  ISKCON मायापुर स्टोर से प्रामाणिक BBT संस्करण

·  मूल्य: ₹75 | पृष्ठ: 174 | भाषा: हिंदी

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Title : MRITYU KI PARAJAY
Language : HINDI
Author : HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
Binding : PAPERBACK
ISBN: 9789382176503
Publisher : THE BHAKTIVEDANTA BOOK TRUST
Edition : FIRST
Pages : 174
Product Dimensions : 21.8 cm x 14.1 cm x 1.1 cm
Product Weight : 0.19 kg

मृत्यु की पराजय – Mrityu Ki Parajay | श्रील प्रभुपाद की हिंदी पुस्तक


मृत्युयह एक ऐसा सत्य है जिससे हर इंसान डरता है, लेकिन जिसके बारे में कोई खुलकर बात नहीं करता। Mrityu Ki Parajay श्रील अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की वह अद्भुत हिंदी पुस्तक है जो इस सबसे कठिन प्रश्न का उत्तर सीधे वेदांत-दर्शन और भगवद गीता के आधार पर देती हैक्या मृत्यु के बाद कुछ बचता है? क्या आत्मा वास्तव में अमर है? और यदि है, तो इस जन्म में क्या करना चाहिए?


यह पुस्तक किसी दार्शनिक बहस में नहीं उलझती। यह सीधे उस पाठक से बात करती है जो जीवन की असली परेशानियों के बीच कुछ ठोस आधार ढूंढ रहा है। श्रील प्रभुपाद की भाषा सरल है, तर्क स्पष्ट है, और हर अध्याय में एक ऐसी बात है जो पाठक के मन में देर तक टिकी रहती है।


Mrityu Ki Parajay –
इस पुस्तक में क्या है


यह 174 पृष्ठों की पुस्तक मूलतः श्रील प्रभुपाद की अंग्रेजी रचना 'Beyond Birth and Death' का हिंदी अनुवाद है, जिसे भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट (BBT) ने प्रकाशित किया है। इसमें आत्मा की प्रकृति, पुनर्जन्म का सिद्धांत, मृत्यु के समय चेतना का महत्व, और भक्तियोग के माध्यम से जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति का मार्गइन सभी विषयों को क्रमबद्ध तरीके से समझाया गया है।


भगवद गीता के श्लोकों का सहारा लेते हुए प्रभुपाद यह स्पष्ट करते हैं कि मृत्यु शरीर की होती है, आत्मा की नहीं। जो व्यक्ति इस सत्य को जीवन में उतार लेता है, उसके लिए मृत्यु का भय समाप्त हो जाता हैयही इस पुस्तक का केंद्रीय संदेश है।


किसके लिए है यह पुस्तक


जो व्यक्ति किसी प्रियजन को खो चुका है और मन में सवाल उठते हैंवह कहाँ गया? जो युवा जीवन के अर्थ को समझना चाहता है। जो साधक भक्तिमार्ग की दार्शनिक नींव को पक्का करना चाहता है। और जो गृहस्थ भक्त रोज़मर्रा की भागदौड़ में याद दिलाना चाहता है कि यह जीवन क्यों जीया जा रहा है — Mrityu Ki Parajay इन सभी के लिए समान रूप से प्रासंगिक है।


ISKCON
मायापुर स्टोर से खरीदें – Mrityu Ki Parajay का प्रामाणिक संस्करण


mayapur.store
से खरीदी गई यह पुस्तक BBT का आधिकारिक और प्रामाणिक हिंदी संस्करण है। ISKCON मायापुर का यह स्टोर श्री चैतन्य महाप्रभु की जन्मभूमि से संचालित होता है। आपकी प्रत्येक खरीद मायापुर की सेवाओं और पुस्तक वितरण मिशन में योगदान देती है।

 

9789382176503
Author
HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
Language
HINDI
Pages
174
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