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MUKUNDA MALA STOTRA (HINDI)

·  Mukunda Mala Stotra — राजा कुलशेखर रचित दिव्य संस्कृत स्तोत्र

·  भगवान मुकुंद के प्रति शुद्ध प्रेम और समर्पण का भाव

·  संस्कृत मूल + हिंदी अनुवाद + श्रील प्रभुपाद भाष्य

·  नित्य पाठ और भजन साधना के लिए आदर्श

·  184 पृष्ठ | हिंदी | Paperback | ₹65

·  भाष्यकार: Srila Prabhupada — ISKCON संस्थापक-आचार्य

·  प्रकाशक: The Bhaktivedanta Book Trust (BBT)

·  BBT — गुरु-परंपरा की शुद्ध, अपरिवर्तित वाणी

·  ISKCON Mayapur के आधिकारिक स्टोर से उपलब्ध

·  mayapur.store — श्री धाम से सीधे आपके घर तक

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भगवान से प्रेम करने के लिए किसी बड़े आश्रम की जरूरत नहीं, किसी लंबी तपस्या की जरूरत नहीं — बस एक शुद्ध हृदय और प्रभु के चरणों में एक सच्ची पुकार चाहिए। दक्षिण भारत के महान वैष्णव संत राजा कुलशेखर ने यही किया। उन्होंने अपने हृदय की समस्त भावनाओं को संस्कृत श्लोकों में पिरोया और वह माला भगवान मुकुंद के चरणों में अर्पित कर दी।

Mukunda Mala Stotra — यही वह दिव्य माला है। प्रत्येक श्लोक एक पुष्प की तरह है — सुगंधित, हृदयस्पर्शी और भगवान को प्रिय। इस स्तोत्र में राजा कुलशेखर ने न केवल भगवान की स्तुति की है, बल्कि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि संसार की कोई भी उपलब्धि — धन, यश, राज्य — भगवान के चरण-कमलों के स्मरण के सामने कुछ भी नहीं है।

श्रील प्रभुपाद ने Mukunda Mala Stotra का हिंदी अनुवाद और भाष्य इस प्रकार प्रस्तुत किया है कि एक सामान्य पाठक भी प्रत्येक श्लोक की गहराई को महसूस कर सके। संस्कृत का मूल पाठ, उसका हिंदी अनुवाद, और श्रील प्रभुपाद का भावपूर्ण भाष्य — तीनों मिलकर इस पुस्तक को एक पूर्ण साधना-ग्रंथ बनाते हैं।

यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो प्रतिदिन कुछ ऐसा पढ़ना चाहते हैं जो मन को शांत करे, हृदय को कृष्ण की ओर मोड़े और दिन की शुरुआत को सार्थक बनाए। Mukunda Mala Stotra का नित्य पाठ धीरे-धीरे भक्ति की वह भावना जगाता है जिसे राजा कुलशेखर ने अपने श्लोकों में जिया था।

184 पृष्ठों की इस पुस्तक में भक्ति का वह रस भरा है जो बाहर से नहीं आता — जो भीतर से जागता है। जो साधक इसे ध्यानपूर्वक पढ़ता है, उसे अनुभव होता है कि ये श्लोक किसी और के नहीं, उसके अपने हृदय की आवाज हैं।

प्रकाशक: The Bhaktivedanta Book Trust (BBT) — विश्व का सबसे प्रामाणिक वैष्णव साहित्य प्रकाशन संस्थान। BBT की प्रत्येक पुस्तक श्रील प्रभुपाद की मूल वाणी पर आधारित है — शुद्ध, अपरिवर्तित और गुरु-परंपरा के अनुकूल।

लेखक: His Divine Grace A.C. Bhaktivedanta Swami Srila Prabhupada — ISKCON के संस्थापक-आचार्य, जिनकी कलम ने वेदांत के गूढ़ रहस्यों को जन-जन तक पहुँचाया।

ISKCON Mayapur के आधिकारिक स्टोर — mayapur.store — से यह पुस्तक मँगाना एक विशेष अनुभव है। जिस धाम में महाप्रभु ने संकीर्तन की ज्योति जलाई थी, उसी भूमि से यह भक्ति-ग्रंथ आपके घर आता है।

मात्र ₹65 में Mukunda Mala Stotra को अभी ऑर्डर करें — और राजा कुलशेखर की उस पुकार को अपने जीवन का हिस्सा बनाएँ जो सदियों से भक्तों के हृदय को छूती आई है।

 

9789382176688
Author
HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
Language
HINDI
Pages
184
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