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NARADA BHAKTI SUTRA In Hindi

·  Narada Bhakti Sutra in Hindiदेवर्षि नारद के 84 भक्ति-सूत्र हिंदी में

·  भक्ति का स्वरूप, बाधाएँ और फलसब एक ग्रंथ में

·  संस्कृत मूल + हिंदी अनुवाद + श्रील प्रभुपाद भाष्य

·  नित्य अध्ययन और साधना के लिए आदर्श

·  208 पृष्ठ | हिंदी | Paperback | ₹95

·  भाष्यकार: Srila Prabhupada — ISKCON संस्थापक-आचार्य

·  प्रकाशक: The Bhaktivedanta Book Trust (BBT) — श्रील प्रभुपाद की कलम का सीधा नतीजा

·  BBT — शुद्ध शास्त्रीय ज्ञान, बिना किसी मिलावट के

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·  mayapur.store — नारद-भक्ति की जीवित परंपरा से, आपके घर तक

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भक्ति क्या है? यह प्रश्न जितना सरल लगता है, उत्तर उतना ही गहरा है। हजारों साल पहले देवर्षि नारद ने इस प्रश्न का उत्तर केवल चौरासी सूत्रों में दे दियाऔर वे चौरासी सूत्र आज भी भक्ति-योग के सबसे प्रामाणिक और संक्षिप्त मार्गदर्शक हैं।

Narada Bhakti Sutra in Hindiयह वही ग्रंथ है जिसे हर उस व्यक्ति को पढ़ना चाहिए जो भक्ति को केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि उसे जीवन के हर क्षण में जीना चाहता है। देवर्षि नारद ने इन सूत्रों में भक्ति का स्वरूप, उसकी प्राप्ति के उपाय, उसमें आने वाली बाधाएँ और उसके फलसभी कुछ अत्यंत सटीक शब्दों में बता दिया है।

इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि Narada Bhakti Sutra in Hindi के इस संस्करण में संस्कृत का मूल सूत्र-पाठ, उसका सरल हिंदी अनुवाद और श्रील प्रभुपाद का व्यावहारिक भाष्यतीनों एक साथ उपलब्ध हैं। इससे पाठक केवल सूत्र का अर्थ समझता है, बल्कि उसे अपने दैनिक जीवन में कैसे उतारें, यह भी स्पष्ट हो जाता है।

नारद मुनि के ये सूत्र बताते हैं कि भक्ति कोई भावनात्मक आवेश नहीं हैयह एक सुव्यवस्थित और शास्त्र-सम्मत साधना है। भक्ति में सांसारिक वासनाओं का त्याग है, भगवान के प्रति अनन्य प्रेम है और उस प्रेम में ही मोक्ष का द्वार है। Narada Bhakti Sutra in Hindi पढ़कर यह बात केवल बौद्धिक स्तर पर नहीं, हृदय के स्तर पर समझ में आती है।

यह पुस्तक उन सभी के लिए उपयुक्त हैजो नए-नए भक्ति-मार्ग पर आए हैं, जो वर्षों से साधना कर रहे हैं, या जो वेदांत और भक्ति-शास्त्र को गहराई से समझना चाहते हैं। 208 पृष्ठों में यह ग्रंथ भक्ति-योग का एक पूर्ण मानचित्र प्रस्तुत करता है।

लेखक/भाष्यकार: His Divine Grace A.C. Bhaktivedanta Swami Srila Prabhupada — ISKCON के संस्थापक-आचार्य, जिन्होंने वैदिक ज्ञान को विश्व के हर कोने तक पहुँचाया। उनकी व्याख्या सदैव शास्त्र-सम्मत, व्यावहारिक और हृदयस्पर्शी होती है।

प्रकाशक: The Bhaktivedanta Book Trust (BBT) — गुरु-परंपरा की शुद्ध वाणी का एकमात्र प्रामाणिक संरक्षक। BBT की पुस्तकें किसी की कल्पना नहीं, श्रील प्रभुपाद की मूल वाणी का प्रतिबिंब हैं।

ISKCON Mayapur के आधिकारिक स्टोर — mayapur.store — से यह पुस्तक मँगाएँ और उस धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा को अपने घर तक लाएँ जहाँ नारद मुनि द्वारा प्रवर्तित भक्ति की परंपरा आज भी जीवित है।

मात्र ₹95 में Narada Bhakti Sutra in Hindi अभी ऑर्डर करेंऔर भक्ति के उस विज्ञान को जानें जो देवर्षि नारद ने युगों पहले मानवता को दिया था।

9789382716204
Author
HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
Language
HINDI
Pages
208
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