PRAKRITI KE NIYAM
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PRAKRITI KE NIYAM

·  Prakriti Ke Niyamप्रकृति के तीन गुणों का वैदिक रहस्य हिंदी में

·  सत्त्व, रज, तमजीवन के हर पहलू को नियंत्रित करने वाली शक्तियाँ

·  कर्म और भाग्य का सम्बन्धसरल भाषा में गहरी बात

·  76 पृष्ठ | हिंदी | Paperback | ₹35

·  लेखक: Srila Prabhupada — वेदांत को जन-भाषा में उतारने वाले आचार्य

·  प्रकाशक: BBT — पाँच दशकों से अखंड वैदिक ज्ञान का वाहक

·  BBT मुद्रित पुस्तकहर शब्द शास्त्र-सम्मत, कोई मिलावट नहीं

·  ISKCON Mayapurभक्ति और वैराग्य की जीवंत भूमि से उपलब्ध

·  mayapur.store से ऑर्डर करेंतेज़ डिलीवरी, पूरी तरह प्रामाणिक

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हम सब प्रकृति के बीच रहते हैंलेकिन क्या हम प्रकृति के नियमों को सच में जानते हैं? मौसम बदलते हैं, शरीर बूढ़ा होता है, रिश्ते टूटते-जुड़ते हैंयह सब हम देखते हैं, लेकिन इसके पीछे जो अदृश्य व्यवस्था काम करती है, उसे बहुत कम लोग समझ पाते हैं। श्रील प्रभुपाद ने इसी अदृश्य व्यवस्था को उजागर किया हैअपनी पुस्तक Prakriti Ke Niyam में।

Prakriti Ke Niyam एक ऐसी पुस्तक है जो भौतिक विज्ञान और वेदांत के बीच का वह पुल है जिसे आधुनिक मनुष्य खोज रहा है। श्रील प्रभुपाद ने इसमें समझाया है कि प्रकृति कोई अंधी शक्ति नहीं हैयह भगवान की एक सुव्यवस्थित ऊर्जा है जो हर जीव को उसके कर्मों के अनुसार फल देती है। जो इस नियम को समझ लेता है, वह तो किसी परिस्थिति में घबराता है और ही झूठी आशाओं में उलझता है।

इस पुस्तक में तीन गुणोंसत्त्व, रज और तमका विस्तृत विवेचन है। हर मनुष्य इन तीन गुणों के प्रभाव में जीता है, और यही गुण उसके विचार, आचरण और भाग्य को निर्धारित करते हैं। Prakriti Ke Niyam पढ़कर पाठक यह समझने लगता है कि उसके जीवन में जो भी हो रहा है, उसका कारण बाहर नहींउसके अपने गुण और कर्म हैं।

केवल 76 पृष्ठों में श्रील प्रभुपाद ने इस विषय को इतनी सहजता से प्रस्तुत किया है कि एक सामान्य पाठक भी इसे एक बैठक में पढ़ सकता हैऔर पढ़कर उठेगा तो उसकी दृष्टि बदली हुई होगी। यह पुस्तक उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो जीवन की घटनाओं का कोई गहरा अर्थ ढूँढ रहे हैं, जो यह जानना चाहते हैं कि दुःख क्यों आता है और उससे स्थायी रूप से कैसे मुक्त हुआ जा सकता है।

लेखक: His Divine Grace A.C. Bhaktivedanta Swami Srila Prabhupada — वह आचार्य जिन्होंने वेदों के सबसे जटिल सिद्धांतों को रोज़मर्रा की भाषा में उतारा। उनकी हर पुस्तक एक जीवन-दर्शन है।

प्रकाशक: The Bhaktivedanta Book Trust (BBT) — जो पाँच दशकों से वैदिक ज्ञान को उसके मूल स्वरूप में, बिना किसी परिवर्तन के, पाठकों तक पहुँचाता रहा है। BBT की पुस्तक खरीदना मतलब शास्त्र-सम्मत ज्ञान की गारंटी।

ISKCON Mayapur का आधिकारिक स्टोर mayapur.store इसलिए विशेष है क्योंकि यहाँ से मँगाई गई हर पुस्तक उस भूमि से आती है जहाँ प्रकृति के इन नियमों को जीकर दिखाया गयाश्री धाम मायापुर, जहाँ भक्ति और वैराग्य का जीवंत उदाहरण आज भी मौजूद है।

मात्र ₹35 में Prakriti Ke Niyam अभी ऑर्डर करेंऔर प्रकृति की उस व्यवस्था को समझें जो हर पल आपके जीवन को संचालित कर रही है।

 

Title : PRAKRITI KE NIYAM
Language : HINDI
Author : HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
Binding : PAPERBACK
ISBN: 9789382716594
Publisher : THE BHAKTIVEDANTA BOOK TRUST
Edition : FIRST
Pages : 76
Product Dimensions : 17.9 cm x 12 cm x 0.5 cm
Product Weight : 0.287 kg

9789382716594
Author
HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
Language
HINDI
Pages
76
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