कृष्ण भावनामृत में पहला कदम
एक नज़र में — कृष्ण भावनामृत में पहला कदम (KRISHNA BHAVNAMRIT ME PAHLA KADAM)
- लेखक: श्री श्रीमद् भक्ति विकास स्वामी महाराज
- प्रकाशक: भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट (BBT) — विश्व की सबसे विश्वसनीय वैष्णव प्रकाशन संस्था
- भाषा: हिंदी
- पृष्ठ: 126 | बाइंडिंग: पेपरबैक
- मूल्य: मात्र ₹45 — अत्यंत किफायती आत्मिक निवेश
- उद्देश्य: कृष्णभक्ति में नए साधकों को सरल और व्यावहारिक मार्गदर्शन
- परंपरा: गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय की प्रामाणिक शिक्षाओं पर आधारित
- उपलब्धता: ISKCON Mayapur के आधिकारिक स्टोर पर — 100% असली BBT संस्करण
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कृष्ण भावनामृत में पहला कदम — आत्मिक जीवन की शुभ शुरुआत
जीवन में एक ऐसा क्षण आता है जब मन संसार की आपाधापी से थककर किसी गहरे आत्मिक आश्रय की तलाश करने लगता है। ऐसे ही जिज्ञासु और मुमुक्षु पाठकों के लिए श्री श्रीमद् भक्ति विकास स्वामी महाराज ने रचा है — "कृष्ण भावनामृत में पहला कदम"। यह पुस्तक उन सभी के लिए एक दिव्य मार्गदर्शक है जो कृष्णभक्ति के पथ पर अपना पहला कदम रखना चाहते हैं, किन्तु यह नहीं जानते कि शुरुआत कहाँ से करें।
भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट (BBT) द्वारा प्रकाशित यह हिंदी पुस्तक 126 पृष्ठों में कृष्णभक्ति के व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों पहलुओं को बड़ी सहजता से समझाती है। लेखक श्री श्रीमद् भक्ति विकास स्वामी महाराज एक अनुभवी वैष्णव संन्यासी हैं जिनकी लेखनी सरल होते हुए भी अत्यंत गहन और प्रामाणिक है।
पुस्तक की मुख्य विशेषताएँ
- श्री श्रीमद् भक्ति विकास स्वामी महाराज द्वारा रचित — एक अनुभवी वैष्णव आचार्य की कलम से
- भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट (BBT) द्वारा प्रकाशित — प्रामाणिकता और गुणवत्ता की गारंटी
- शुद्ध और प्रवाहमय हिंदी भाषा में लिखी गई — सरल शब्दों में गहन आत्मिक सत्य
- 126 पृष्ठ, पेपरबैक बाइंडिंग — हल्की और यात्रा में ले जाने योग्य
- मात्र ₹45 में उपलब्ध — अत्यंत किफायती दाम पर अमूल्य आत्मिक ज्ञान
इस पुस्तक में क्या मिलेगा?
- कृष्णभक्ति क्या है — भक्तियोग का सरल और स्पष्ट परिचय
- भक्ति की शुरुआत कैसे करें — नित्य साधना, जप और कीर्तन का महत्व
- हरे कृष्ण महामंत्र का जाप — इसकी विधि, महिमा और जीवन पर प्रभाव
- सात्विक आहार और जीवनशैली — कृष्णभावनामृत के अनुरूप दैनिक जीवन
- वैष्णव आचार और व्यवहार — भक्त के गुण और सदाचार
- गुरु की आवश्यकता — दीक्षा और शिष्य परंपरा का महत्व
- माया और भौतिकता से मुक्ति — संसार के आकर्षण से ऊपर उठने का मार्ग
- कृष्ण के प्रति प्रेम का विकास — भक्ति के क्रमिक सोपान
यह पुस्तक किनके लिए है?
- जो लोग पहली बार ISKCON या कृष्णभक्ति के संपर्क में आए हैं
- नवदीक्षित भक्त जो अपनी साधना को मजबूत आधार देना चाहते हैं
- वे हिंदी भाषी पाठक जो आत्मिक जीवन की ओर मुड़ना चाहते हैं
- युवा जो जीवन का वास्तविक उद्देश्य खोज रहे हैं
- परिवार के सदस्यों को भक्ति से परिचित कराने के लिए उत्तम उपहार
- मंदिर पुस्तकालय और नामहट्ट अध्ययन समूहों के लिए अनिवार्य पुस्तक
ISKCON Mayapur Store से क्यों खरीदें?
- BBT का 100% अधिकृत और प्रामाणिक हिंदी संस्करण
- ISKCON Mayapur के आधिकारिक स्टोर से सीधी खरीद की विश्वसनीयता
- सुरक्षित पैकेजिंग और पूरे भारत में तेज़ डिलीवरी
- आपकी खरीद श्रील प्रभुपाद की पुस्तक-वितरण सेवा को समर्थन देती है
- गुणवत्तापूर्ण मुद्रण और टिकाऊ9789382716785
- Author
- SRI SRIMAD HIS HOLINESS BHAKTI VIKAS SWAMI
- Language
- HINDI
- Pages
- 126

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