CHAITANYA MAHAPRABHU UNKA JIVAN TATHA SIKSHAMRITA
CHAITANYA MAHAPRABHU UNKA JIVAN TATHA SIKSHAMRITA
· श्रील प्रभुपाद द्वारा रचित, BBT प्रकाशित प्रामाणिक हिंदी ग्रंथ
· महाप्रभु का संपूर्ण जीवन — जन्म से पुरी-लीला तक एक ही पुस्तक में
· शिक्षाष्टक सहित उनके मुख्य उपदेशों का सरल हिंदी में संकलन
· हरिनाम संकीर्तन आंदोलन की पृष्ठभूमि और महत्त्व का स्पष्ट विवरण
· 82 पृष्ठ, पेपरबैक, ISBN: 9789383095445
· आकार: 18 × 12 × 0.5 cm | वजन: 86 ग्राम
· नए जिज्ञासुओं से लेकर अनुभवी भक्तों तक — सभी के लिए उपयुक्त
· ISKCON मायापुर की आधिकारिक स्टोर से सीधे मँगवाएँ — मात्र ₹45
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चैतन्य महाप्रभु — उनका जीवन तथा शिक्षामृत
पाँच सौ साल पहले नवद्वीप की गलियों में एक ऐसा दिव्य प्रकाश प्रकट हुआ जिसने भक्ति के अर्थ को बिल्कुल नए रूप में दुनिया के सामने रखा। श्री चैतन्य महाप्रभु — जिन्हें गौरांग, महाप्रभु, और निमाई भी कहा जाता है — केवल एक संत नहीं थे। वे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण थे जो भक्त के भाव में, राधारानी की प्रेम-भावना लेकर, इस जगत में उतरे थे।
CHAITANYA MAHAPRABHU UNKA JIVAN TATHA SIKSHAMRITA — यह पुस्तक उन्हीं के जीवन की झलक और उनकी अमूल्य शिक्षाओं का एक सुगम हिंदी संकलन है। श्रील प्रभुपाद ने इस ग्रंथ में महाप्रभु के संपूर्ण जीवन को — उनके जन्म से लेकर संन्यास तक, उनकी तीर्थयात्राओं से लेकर पुरी में उनकी अंतिम लीलाओं तक — बड़े ही सरल और हृदयस्पर्शी भाषा में प्रस्तुत किया है।
पुस्तक में क्या मिलेगा:
- महाप्रभु के जन्म और बाल्यकाल की दुर्लभ लीलाओं का वर्णन
- श्रीवास अंगन में रात्रिकालीन संकीर्तन और प्रेम-भक्ति का उदय
- नवद्वीप से वृंदावन और दक्षिण भारत तक की पवित्र यात्राओं का विवरण
- षड् गोस्वामियों को दिए गए उपदेश और भक्ति के आठ श्लोक — शिक्षाष्टक
- हरिनाम संकीर्तन को युग-धर्म के रूप में स्थापित करने की उनकी दृष्टि
यह पुस्तक किसके लिए है:
जो भक्त गौड़ीय वैष्णव परंपरा को गहराई से समझना चाहते हैं, जो हिंदी माध्यम से महाप्रभु के जीवन को पढ़ना चाहते हैं, या जो नए जिज्ञासु हैं और ISKCON दर्शन की पहली सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं — यह पुस्तक उन सभी के लिए एक आदर्श आरंभ है।
श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद द्वारा रचित यह ग्रंथ भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट (BBT) द्वारा प्रकाशित है और ISKCON मायापुर की आधिकारिक स्टोर द्वारा प्रामाणिक रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। 82 पृष्ठों की यह पेपरबैक पुस्तक आकार में छोटी अवश्य है, परंतु इसका आध्यात्मिक मूल्य असीमित है।
मात्र ₹45 में यह ग्रंथ आपके घर तक पहुँच सकता है। चाहे आप इसे व्यक्तिगत अध्ययन के लिए लें, परिवार के किसी सदस्य को उपहार दें, या मंदिर के वितरण कार्यक्रम हेतु मँगवाएँ — Chaitanya Mahaprabhu Unka Jivan Tatha Sikshamrita हर भक्त के संग्रह में होनी चाहिए।
महाप्रभु की शिक्षा बहुत सरल है — नाम लो, प्रेम बाँटो, और जीवन को सार्थक बनाओ। इस पुस्तक के हर पृष्ठ में वही अमृत भरा है।
हरे कृष्ण।
Title : CHAITANYA MAHAPRABHU UNKA JIVAN TATHA SIKSHAMRITA
Language : HINDI
Author : HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
Binding : PAPERBACK
ISBN: 9789383095445
Publisher : THE BHAKTIVEDANTA BOOK TRUST
Edition : FIRST
Pages : 82
Product Dimensions : 18 cm x 12 cm x 0.5 cm
Product Weight : 0.086 kg
- Author
- HIS DIVINE GRACE A.C. BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPADA
- Language
- HINDI
- Pages
- 82

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