Bhagaban Sri Chaitanya Mahaprabhu Ka Sikhsamrita
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Bhagaban Sri Chaitanya Mahaprabhu Ka Sikhsamrita

·  Bhagaban Sri Chaitanya Mahaprabhu Ka Sikhsamrita — श्रील प्रभुपाद रचित

·  महाप्रभु की शाश्वत शिक्षाओं का सरल हिंदी में सार

·  संकीर्तन, नाम-जप और भक्ति-योग का प्रामाणिक मार्गदर्शन

·  गौड़ीय वैष्णव दर्शन — सरल भाषा में, सीधे समझ आने वाला

·  Soft Cover | हिंदी | ISBN: 9789382176107 | ₹140

·  लेखक: Srila Prabhupada — ISKCON संस्थापक-आचार्य

·  प्रकाशक: The Bhaktivedanta Book Trust (BBT)

·  BBT — गुरु-परंपरा की शुद्ध, अपरिवर्तित वाणी

·  ISKCON Mayapur के आधिकारिक स्टोर से उपलब्ध

·  mayapur.store — महाप्रभु की जन्मभूमि से सीधे आपके घर तक

₹140.00 Tax included

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क्या आपने कभी सोचा है कि पाँच सौ साल पहले एक संत ने जो शिक्षाएँ दीं, वे आज भी उतनी ही प्रासंगिक क्यों हैं? श्री चैतन्य महाप्रभु की वाणी समय के साथ पुरानी नहीं पड़ती — क्योंकि वे शिक्षाएँ आत्मा को संबोधित करती हैं, मन को नहीं।

Bhagaban Sri Chaitanya Mahaprabhu Ka Sikhsamrita — यह पुस्तक उन्हीं शाश्वत शिक्षाओं का सार है। श्रील प्रभुपाद ने इस ग्रंथ में श्री चैतन्य महाप्रभु के उपदेशों को इस प्रकार प्रस्तुत किया है कि एक सामान्य हिंदी पाठक भी उनकी गहराई को अनुभव कर सके। यह केवल दार्शनिक विचारों का संग्रह नहीं है — यह एक जीवंत मार्गदर्शन है, जो भक्ति के पथ पर चलने वाले हर साधक के लिए अनिवार्य है।

श्री चैतन्य महाप्रभु ने संकीर्तन आंदोलन के माध्यम से यह सिद्ध किया कि कलियुग में हरे कृष्ण महामंत्र का जप ही सबसे सरल और सबसे प्रभावशाली साधना है। Bhagaban Sri Chaitanya Mahapravu Ka Sikhsamrita में इसी सिद्धांत को विस्तार से समझाया गया है — क्यों भक्ति-योग सर्वोपरि है, क्यों नाम-संकीर्तन ही इस युग का धर्म है, और क्यों प्रेम ही परमात्मा तक पहुँचने का एकमात्र द्वार है।

यह पुस्तक उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो गौड़ीय वैष्णव दर्शन को समझना चाहते हैं, किंतु संस्कृत या बंगाली भाषा की बाधा के कारण मूल ग्रंथों तक नहीं पहुँच पाते। श्रील प्रभुपाद की सरल हिंदी अनुवाद-शैली इस बाधा को पूरी तरह समाप्त कर देती है।

लेखक: His Divine Grace A.C. Bhaktivedanta Swami Srila Prabhupada — ISKCON के संस्थापक-आचार्य, जिन्होंने वैष्णव साहित्य को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाया।

प्रकाशक: The Bhaktivedanta Book Trust (BBT) — गुरु-परंपरा की शुद्ध शिक्षाओं का एकमात्र प्रामाणिक प्रकाशन संस्थान। BBT की पुस्तकें किसी व्यक्ति की व्याख्या नहीं, श्रील प्रभुपाद की मूल वाणी हैं।

ISKCON Mayapur के आधिकारिक स्टोर — mayapur.store — से यह पुस्तक मँगाना इसलिए विशेष है क्योंकि यह सीधे श्री धाम मायापुर से, उसी पवित्र भूमि से आती है जहाँ स्वयं श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव हुआ था।

मात्र ₹140 में Bhagaban Sri Chaitanya Mahaprabhu Ka Sikhsamrita को अभी ऑर्डर करें — और महाप्रभु की शिक्षाओं को अपने घर में स्थान दें।

 

9789382176107
Author
A.C BHAKTIVEDANTA SWAMI PRABHUPAD
Length
5.5
Width
0.8
Height
8.6
Binding
Soft Cover
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